उत्तराखंड

उत्तराखंड वन विकास निगम के 25 साल पूरे, देहरादून में रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री धामी द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ, वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि रहे उपस्थित

डिजिटल प्लेटफॉर्म “Himkaashth” का शुभारंभ, महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन एवं निगम की उपलब्धियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखंड वन विकास निगम के स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में राज्य जयंती समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सांसद (राज्यसभा) नवीन बंसल, विधायक कैंट श्रीमती सविता कपूर, विधायक लालकुआँ मोहन बिष्ट, विधायक कपकोट सुरेश गढ़िया तथा विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल भी उपस्थित रहे।

इसके उपरांत समारोह में अपर मुख्य सचिव (वन) आर. के. सुधांशु तथा उत्तराखंड वन विकास निगम की प्रबंध निदेशक श्रीमती नीना ग्रेवाल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) उत्तराखंड रंजन मिश्रा, प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, वन सचिव सी. रविशंकर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

इस अवसर पर निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं विभिन्न उच्च पदों से सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी सहभागिता की। साथ ही निगम के स्टेकहोल्डर्स, क्रेता (Buyers) तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारी एवं कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान निगम द्वारा प्रकाशित महत्वपूर्ण पुस्तकों, “उपवनिज खनन वन भूमि हस्तांतरण मार्गदर्शिका” एवं “उत्तराखंड वन विकास निगम हस्तपुस्तिका”, का विमोचन किया गया। साथ ही निगम की उपलब्धियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म “Himkaashth” का शुभारंभ किया गया, जिससे ई-ऑक्शन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुलभ एवं प्रभावी बनाया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड वन विकास निगम ने विगत 25 वर्षों में राज्य के वन संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत प्रबंधन के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने निगम द्वारा अपनाई गई डिजिटल तकनीकों एवं पारदर्शी नीलामी प्रणाली की सराहना करते हुए इसे एक आदर्श मॉडल बताया।

मुख्यमंत्री ने सरखानु क्षेत्र में मधुमक्खी पालन (मधुपालन) एवं शहद उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया तथा कुमाऊँ क्षेत्र में उत्तराखंड वन विकास निगम के कार्यालय भवन की स्थापना की घोषणा की।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि निगम ने वन प्रबंधन, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं तथा भविष्य में कृषि वानिकी एवं इको-टूरिज्म को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव (वन) आर. के. सुधांशु ने निगम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक एवं पारदर्शी व्यवस्थाओं के माध्यम से निगम ने सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

प्रबंध निदेशक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार निगम ने विगत 25 वर्षों में निरंतर प्रगति करते हुए एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर संस्था के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। लॉगिंग कार्यों में जहाँ प्रारंभिक वर्षों में औसतन 1–1.25 लाख घनमीटर उत्पादन होता था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर लगभग 2.5 लाख घनमीटर प्रतिवर्ष तक पहुँच गया है। पिछले तीन वर्षों में लॉगिंग उत्पादन क्रमशः 2.649 लाख घनमीटर (2023-24), 2.457 लाख घनमीटर (2024-25) एवं 1.98 लाख घनमीटर (2025-26) रहा है।

खनन कार्यों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2001 में जहाँ खनन की मात्रा 24.74 लाख घनमीटर थी, वहीं वर्ष 2026 में यह बढ़कर लगभग 84 लाख घनमीटर हो गई है। निगम द्वारा राजस्व अर्जन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले तीन वर्षों में निगम का लाभ क्रमशः ₹112 करोड़ (2022-23), ₹163 करोड़ (2023-24) एवं ₹167 करोड़ (2024-25) रहा है। वर्ष 2024-25 में लकड़ी (प्रकाष्ठ) से लगभग ₹627 करोड़ तथा खनन से ₹158 करोड़ का व्यवसाय किया गया। निगम द्वारा ई-ऑक्शन प्रणाली, UVMS तथा KMS जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यों को पूर्णतः पारदर्शी एवं दक्ष बनाया गया है।

“Himkaashth” प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के क्रेता ऑनलाइन नीलामी में भाग लेकर लकड़ी क्रय कर सकते हैं। निगम द्वारा कृषि वानिकी, जड़ी-बूटी एवं वन उत्पादों के विपणन, इको-टूरिज्म तथा ग्रामीण आजीविका संवर्धन के माध्यम से राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

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