उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मूल मंत्र, “न थकना है, न रुकना है, मंजिल तक पहुंचना है”…. – The Viral Post
उत्तराखंड

उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मूल मंत्र, “न थकना है, न रुकना है, मंजिल तक पहुंचना है”….

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में अल सुबह मॉर्निंग वॉक में आम जनमानस से सरकार के कार्यों का फीड बैक लेना हो या उसके बाद युवाओं के साथ दौड़, फिर बैडमिंटन खेलना, फिर एक बार स्थानीय लोगों से बिना लाव-लश्कर के मिलना। एक सच्चे जनसेवक के तौर पर पहचान बना रहे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कई राजनीतिक मिथकों को तोड़ने का काम किया है। उनका जुनून, कुछ कर गुजरने की चाहत और निरंतर गतिविधियों से प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसरित हो रहा है। इस अथक मेहनत के पीछे एक सपने को साकार करने की इच्छा है कि उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी आज अल्मोड़ा में मार्निग वाॅक के दौरान स्थानीय लोगों विशेष रूप से युवाओं से मिले और उनसे सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों का फीडबैक लिया। प्रातः काल भ्रमण के दौरान सीएम ने स्पोर्ट्स स्टेडियम में युवाओं के साथ दौड़ लगाई और बैडमिंटन भी खेला। इस दौरान युवा साथियों और स्थानीय लोगों से सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का फीडबैक भी लिया।

सीएम धामी ने युवाओ से कहा कि अच्छा स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है। पढाई के साथ ही फिट रहना भी बहुत जरूरी है। खेल को हमें अपनी आदत में शामिल करना चाहिए। सीएम ने कहा कि हम सभी मिलकर “खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट” में पूरी तन्मयता के साथ शामिल होकर खेल के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होने का संकल्प लें। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों से भी मुलाक़ात कर उनका हाल-चाल जाना। सूबे के मुखिया को अपने बीच पाकर युवा बेहद उत्साहित नजर आए।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भी जिलों के दौरों पर जाते हैं और रात्रि विश्राम वहीं करते हैं तो सवेरे मार्निग वाॅक पर जरूर जाते हैं। इस दौरान आम लोगो से मिलकर उनका हाल-चाल भी जानते हैं और सरकारी विकास योजनाओं व विकास कार्यों के बारे में फीडबैक भी लेते हैं।

ना रुकना है, ना थकना है ना झुकना है ना मिटना है राज्य के विकास, संस्कृति और विजन के लिए नए आयाम स्थापित करने हैं। प्रदेश के मुखिया के तौर पर धामी ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह जनता के हर सुख दुख में साथ हैं। आपदा के समय उत्तरकाशी का द्रोपदी का डांडा एवलांच हो या पौड़ी का बस हादसा, हर जगह खुद पहुंचते हैं। राहत और बचाव कार्यों की कमान खुद ही संभाल लेते हैं, इसका परिणाम होता है कि कहीं कोई ढिलाई या लापरवाही नहीं होती। अपने छोट से कार्यकाल में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक बेहद संवेदनशील, सहृदयी और जननायक के तौर पर पहचान बनाई है। 4 जुलाई 2021 को मुख्य सेवक की शपथ लेते हुए एक युवा नेता के हाथ में देश के प्रधानमंत्री ने कमान सौंपी थी जिसे चरितार्थ कर रहे मुख्य सेवक पुष्कर सिंह धामी।

सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक काम ऐसे ही दिनचर्या है युवा मुख्यमंत्री की। हर कार्यक्रम में नई ऊर्जा, नये जोश के साथ लोगों से घुलना मिलना। जिस उमंग और उत्साह से विभिन्न कार्यक्रमों में स्थानीय जनता मुख्यमंत्री की राह देखती है, उसे युवा मुख्यमंत्री निराश नहीं होने देते, ऐसे ही कार्यशैली है पुष्कर सिंह धामी की।

सुबह 5 बजे उठकर रात 12 बजे तक कार्य करने की उनकी शैली उत्तराखंड को आगे बढ़ाने की सोच और कल्पना को साकार करते हुए दिखती है। यही सोच और कार्य करने की शैली से प्रभावित देश के प्रधानमंत्री ने यूं ही नही कहा कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा। अपने यही विजन से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी से देश के आखिरी गांव माणा को देश का पहला गांव घोषित कराया। मोदी जी की कार्य शैली अपनाते हुए युवा मुख्यमंत्री उनसे प्रेरणा लेते हुए जिस तरह उनके पद चिन्हों पर चलकर निरंतर कार्य कर रहे हैं उससे उत्तराखंड के लोगों में एक नई आशा की किरण जागी है निरंतर राजनीतिक अस्थिरताओं का शिकार रहा उत्तराखंड युवा मुख्यमंत्री के रूप में एक स्थिर राजनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।

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